कॉर्निया देखभाल
कॉर्निया संक्रमण
कॉर्निया का संक्रमण, या माइक्रोबियल केराटाइटिस, एक आपात स्थिति है और इससे अल्सर, निशान और दृष्टि की हानि हो सकती है। इसके लिए बैक्टीरिया, फंगस, वायरस या परजीवी ज़िम्मेदार हो सकते हैं। शीघ्र आकलन महत्वपूर्ण है, क्योंकि उपचार रोगाणु और गंभीरता के अनुसार अलग होता है।
माइक्रोबियल केराटाइटिस तेज़ी से बढ़ सकता है, क्योंकि रोगाणु पारदर्शी कॉर्नियल ऊतक को नुकसान पहुंचाते हैं और सूजन पैदा करते हैं। कॉन्टैक्ट लेंस पहनना एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है, लेकिन संक्रमण पौधे या मिट्टी से लगी चोट, सतह के रोग, पहले की सर्जरी या कम रोग-प्रतिरोधक क्षमता के बाद भी हो सकता है। केवल दिखावट से हमेशा यह पता नहीं चलता कि इसके लिए बैक्टीरिया, फंगस, वायरस या एकैंथअमीबा (Acanthamoeba) ज़िम्मेदार है।
उपचार अक्सर लैब रिपोर्ट आने से पहले ही शुरू कर दिया जाता है। बड़े, केंद्रीय, गहरे या असामान्य अल्सर से नमूना (स्क्रैपिंग) लिया जा सकता है, ताकि माइक्रोस्कोपी और कल्चर के आधार पर दवा तय की जा सके। शुरुआत में ड्रॉप्स हर घंटे डालने पड़ सकते हैं, और गंभीर मामलों में रात में भी। स्टेरॉयड ड्रॉप्स तभी शुरू किए जाते हैं जब उपचार करने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ उन्हें सुरक्षित मानते हैं, क्योंकि अनुचित उपयोग से कुछ संक्रमण बिगड़ सकते हैं।

1. चेतावनी के संकेत जिनमें तुरंत देखभाल आवश्यक है
आंख में बढ़ता दर्द, लालिमा, पानी आना या रोशनी से तेज़ संवेदनशीलता
अचानक धुंधली दृष्टि, स्राव या आंख खुली रखने में कठिनाई
कॉर्निया पर सफेद या स्लेटी धब्बा, विशेष रूप से कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों में या चोट के बाद
2. संक्रमण का आकलन और उपचार कैसे होता है
तत्काल जांच
नेत्र रोग विशेषज्ञ अल्सर का आकार, गहराई, सूजन तथा पतलेपन या आंख के अंदर फैलने के किसी भी जोखिम की जांच करते हैं।
आवश्यकता होने पर माइक्रोबायोलॉजी जांच
लक्षित उपचार तय करने से पहले माइक्रोस्कोपी और कल्चर के लिए कॉर्निया से नमूना (स्क्रैपिंग) लिया जा सकता है।
गहन दवा उपचार
अक्सर बार-बार डाले जाने वाले एंटीमाइक्रोबियल ड्रॉप्स तुरंत शुरू किए जाते हैं और प्रतिक्रिया व लैब निष्कर्षों के अनुसार उनमें बदलाव किया जाता है।
3. सामान्य जोखिम कारक
कॉन्टैक्ट लेंस
लेंस पहनकर सोना, पानी के संपर्क में आना, स्वच्छता की कमी या एक्सपायर्ड सॉल्यूशन का उपयोग संक्रमण का जोखिम बढ़ाता है।
चोट और सतह संबंधी रोग
पौधे या मिट्टी से लगी चोट, ड्राई आई, पलकों का रोग या कॉर्निया की संवेदना में कमी आंख की सुरक्षा को कमज़ोर कर सकती है।
स्टेरॉयड का गलत उपयोग
बिना निगरानी के स्टेरॉयड ड्रॉप्स संक्रमण को बिगाड़ या छिपा सकते हैं और विशेषज्ञ की सलाह के बिना इन्हें शुरू नहीं करना चाहिए।
4. मरीज़ों को क्या करना चाहिए
- कॉन्टैक्ट लेंस पहनना बंद करें और यदि उपलब्ध हों तो लेंस, केस और सॉल्यूशन अपॉइंटमेंट पर साथ लाएं
- ड्रॉप्स ठीक निर्धारित अंतराल पर डालें और हर बताई गई जांच के लिए अवश्य आएं
- दर्द, लालिमा या दृष्टि बिगड़ने पर तुरंत सहायता लें; गंभीर रोग में अस्पताल में देखभाल या सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है
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कंसल्टेंट कॉर्निया विशेषज्ञ. MBBS, MS (नेत्र रोग विज्ञान) — कॉर्निया एवं जनरल ऑफ्थैल्मोलॉजी में फेलोशिप, Aravind Eye Hospital, मदुरै · अनुभव: नेत्र चिकित्सा में 11+ वर्ष
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